बहुत जी चाहता है, फुर्सत से मिलने का तुमसे।
बारिश में साथ चले क्या, फिर से ?
क्या तुम्हें अब भी इंतजार है क्या ?
हम जब पहली बार मिले थे वैसा वाला,
अब भी प्यार है क्या ?


- सानु कुमार   |  19 नवंबर 2022

How far will you go for love

 

सोचने में अब तो डर लगता है,

जितना सोचता हूं उतना खुदगर्ज लगता है।

अब लगता है, लिख रहा हूं या बस लिख ही रहा हूं,

बिना बात करके तुमसे।

शायद लिख रहा हूं पूरे बरबाद होकर फिर से,

या बस समय खराब है, या मैं खराब समय के नाम का।

या थोरी और समय का साथ चाहिए मुझको,

या बस यू ही लगता है किसी और का साथ चाहिए मुझको।

 

- सानु कुमार   |  22 नवंबर 2022

अक्सर साम के ख्याल में तुम याद आती हो।
फिर सोचता हूं ख्याल ही तो है, शाम ही तो है,
ये भी गुजर जाएगा।

- सानु कुमार   |  22 नवंबर 2022

ALMOST GOD 2.2 nandini color update-min.jpg

आपका इंजर था इंतजार ही रह गया।
अंजाने में मिले थे आप,
जाने अंजाने में अच्छे लगने लगे आप।

अब और किसी के साथ देखता हूं तो,
थम सा जाता हूं, यूँ ही बस देख कर चला जाता हूँ,
फ़िर से देखने के इंतज़ार में।

मिलने का इंतजार तो बस इंतजार रह गया,
शायद जाने अनजाने में आपसे प्यार हो गया।

- सानु कुमार   |  25 नवंबर 2022

आसमान आज भी नीला है, उम्मीद आज भी इंतजार जैसा है।

बस फ़र्क इतना है, पहले जैसी फ़िकरी तुम नहीं,

तुम्हारी फिकरी यादो का बस सहारा है।

 

ये जो लिबास है, जो कभी हम दोनों का हुआ करता था,

अब ये बस तुम्हारा है।

 

- सानु कुमार   |  26 नवंबर 2022

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